बागोर: राशन की किल्लत और नए नियमों से उपभोक्ता व डीलर परेशान

बागोर (बरदीचंद)। सरकार द्वारा खाद्य सुरक्षा योजना के तहत तीन माह का राशन एक साथ देने की घोषणा धरातल पर अव्यवस्था का सबब बन गई है। बागोर में राशन डीलरों के पास स्टॉक की कमी और तकनीकी बदलावों के कारण उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मशीन में तीन माह, गोदाम में एक माह का स्टॉक
बागोर राशन डीलर लोकेश चपलोत ने बताया कि सरकार की घोषणा के बाद बड़ी संख्या में उपभोक्ता राशन लेने उमड़ पड़े। स्थिति तब विकट हो गई जब पोस मशीन में तो तीन माह का राशन दर्शाया जा रहा है, लेकिन वास्तविक रूप से डीलरों के पास केवल एक माह का ही स्टॉक उपलब्ध है। इस विसंगति के कारण डीलर असमंजस में हैं। भीड़ को देखते हुए फिलहाल केवल एक माह का राशन ही वितरित किया जा रहा है, जिससे दूर-दराज से आए कई उपभोक्ताओं को निराशा हाथ लग रही है।
धर्म कांटे की अनिवार्यता बनी सिरदर्द
राशन वितरण में सरकार द्वारा लागू किए गए नए नियमों ने डीलरों और उपभोक्ताओं की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। अब धर्म कांटे (Electronic Weighing Scale) को सीधे पोस मशीन से जोड़ दिया गया है। डीलरों का कहना है कि इस नई व्यवस्था से वितरण प्रक्रिया काफी धीमी हो गई है और तकनीकी समस्याओं के कारण घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
पुराने नियमों की मांग
राशन डीलरों ने सरकार से गुहार लगाई है कि व्यवहारिक समस्याओं को देखते हुए वितरण प्रक्रिया को पुराने नियमों के तहत ही संचालित किया जाए। साथ ही, घोषणा के अनुरूप पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराया जाए ताकि जनता में फैला रोष कम हो सके।
